सुपौल। महिला एवं बाल विकास निगम, सुपौल के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), सुपौल द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत गुरुवार को सुपौल प्रखंड के कर्णपुर पंचायत भवन में 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्णपुर, बलहा एवं सुखपुर सोल्हनी पंचायत की आंगनबाड़ी सेविकाओं सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दौरान DHEW की टीम ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जो बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस अवसर पर विवाह की वैधानिक आयु एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही सेविकाओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
'सखी वार्ता' में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पोषण, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संकटग्रस्त महिलाओं के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सुविधा एवं पुलिस सहयोग की जानकारी देते हुए बताया गया कि सुपौल सदर अस्पताल परिसर में वन स्टॉप सेंटर संचालित है, जहां जरूरतमंद महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 के उपयोग एवं महत्व की भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन द्वारा महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार, केंद्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा, लैंगिक विशेषज्ञ श्रीमती नीतू कुमारी, लैंगिक विशेषज्ञ मोहम्मद तारीक सिद्धकी, महिला पर्यवेक्षिका खुशबू कुमारी, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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