सुपौल। सुपौल अनुमंडल अंतर्गत आपूर्ति से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल सदर इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राशन कार्ड की जांच, ई-केवाईसी तथा अपात्र लाभुकों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि विभागीय स्तर पर संदिग्ध राशन कार्डों की गहन जांच की जा रही है। विभिन्न डाटाबेस से मिलान के दौरान यह पाया गया है कि बड़ी संख्या में ऐसे लाभुक हैं जो अपात्र होने के बावजूद जन वितरण प्रणाली का लाभ उठा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि करीब 5 हजार से अधिक ऐसे लाभुक हैं जिनकी वार्षिक आय राशन कार्ड के लिए निर्धारित मानक से अधिक है।
इसके अलावा लगभग 9 हजार से अधिक ऐसे राशन कार्डधारी पाए गए हैं जिनके पास कई एकड़ से अधिक भूमि है और वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ ले रहे हैं। वहीं 471 लाभुक ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिनके पास चार पहिया वाहन हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि 216 लाभुक किसी न किसी कंपनी में डायरेक्टर या उच्च पद पर कार्यरत हैं, जबकि 24 ऐसे व्यक्ति पाए गए हैं जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है, फिर भी वे राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
इस प्रकार अब तक 15 हजार से अधिक राशन कार्डधारी संदिग्ध उपभोक्ता की श्रेणी में पाए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि सभी संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद अपात्र लाभुकों का राशन कार्ड रद्द किया जाएगा। साथ ही उठाए गए सरकारी अनाज की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें ताकि अपात्र लोगों को योजना से बाहर किया जा सके और वास्तविक पात्र लाभुकों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जा सके। सरकारी नौकरी, पक्का मकान रखने वाले लाभुकों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अनुमंडल पदाधिकारी ने अपील की कि जो लाभुक अपात्र हैं वे स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें। साथ ही सभी आपूर्ति पदाधिकारियों को उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी शीघ्र सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में राशन वितरण बंद किया जा सकता है।
बैठक में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित आपूर्ति विभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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