सुपौल। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा आम नागरिकों, विशेषकर पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों, वृद्धजनों एवं दो-पहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “सात निश्चय-3” के अंतर्गत सुपौल जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचों को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा जिले के सभी संबंधित विभागों — पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा अनुमंडल प्रशासन — से यह अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में ऐसे स्थानों की पहचान कर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं जहाँ जेब्रा क्रॉसिंग, रेड लाइट/ट्रैफिक सिग्नल, फुट ओवर ब्रिज (FOB), पब्लिक अंडरपास (PUP) तथा व्हीकल अंडरपास (VUP) की आवश्यकता है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष रूप से स्कूल-कॉलेजों, अस्पतालों, बाजार क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, रेलवे फाटकों तथा अधिक यातायात दबाव वाले स्थानों पर सड़क पार करने में लोगों को भारी जोखिम उठाना पड़ता है। ऐसे स्थानों पर वैज्ञानिक एवं स्थायी सड़क सुरक्षा उपाय लागू कर दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।
इस प्रक्रिया में केवल विभागीय प्रस्ताव ही नहीं, बल्कि जिले के आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। यदि किसी नागरिक को अपने क्षेत्र में किसी ऐसे स्थान की जानकारी है जहाँ सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से जेब्रा क्रॉसिंग, अंडरपास, फुट ओवर ब्रिज या ट्रैफिक सिग्नल की आवश्यकता महसूस होती है, तो वे अपना लिखित सुझाव या प्रस्ताव जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल में जमा कर सकते हैं।
जिला परिवहन कार्यालय द्वारा सभी विभागों एवं नागरिकों से प्राप्त प्रस्तावों का संकलन कर उनकी तकनीकी एवं व्यवहारिक उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा तथा उसके उपरांत एक समेकित प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा, ताकि सुपौल जिले में सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं, जिससे जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

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