सुपौल। नेपाल के मोरंग जिले के विराटनगर में नेपाल-भारत सीमा जिला समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मोरंग के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) युबराज कतेल ने की। बैठक का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा, शांति और आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
इस बैठक में भारतीय पक्ष से सुपौल, किशनगंज एवं अररिया जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। वहीं नेपाल की ओर से मोरंग, झापा और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल तथा राष्ट्रीय जांच विभाग के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत सभी अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े कुल 9 प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा के बाद सहमति बनी। नेपाल में आगामी संसदीय चुनावों को ध्यान में रखते हुए 2 मार्च 2026 की आधी रात से 5 मार्च 2026 की आधी रात तक भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील रखने का निर्णय लिया गया।
सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों, हथियारों, गोला-बारूद एवं नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए दोनों देशों के बीच कड़े कदम उठाने पर सहमति बनी। दोनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचना एवं खुफिया जानकारी के त्वरित आदान-प्रदान (इंटेलिजेंस शेयरिंग) को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
नो मैन्स लैंड पर अतिक्रमण की जांच करने तथा अनधिकृत बिंदुओं से भारतीय वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित और विनियमित करने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके साथ ही मानव तस्करी, जाली मुद्रा के प्रचलन और आर्थिक धोखाधड़ी जैसे सीमा पार अपराधों से संयुक्त रूप से सख्ती से निपटने का संकल्प लिया गया। बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने भारत-नेपाल सीमा पर शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए निरंतर सहयोग, समन्वय और समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई।

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