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टाउन हॉल में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, मुशायरा एवं कार्यशाला का आयोजन

 


सुपौल। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टाउन हॉल में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, मुशायरा एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, बिहार विधान परिषद के पूर्व कार्यकारी सभापति मो. हारूण रशीद तथा अंजुमन तरक्की उर्दू, बिहार के सचिव अब्दूल कय्यूम अंसारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर अतिथियों द्वारा जिला स्तरीय पत्रिका “उर्दू नामा सुपौल 2026” का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित मुशायरे में शायरों ने अपने उम्दा कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुशायरे में हशमत सिद्दकी, बेगाना सारवी, कैशर अली राना, लुकमान दानिश, मो. नजमुद्दीन, असलम परवाना, कौशर आज़म, अफिज़ुल्लाह अजहर सहित कई नामचीन शायरों ने अपनी शायरी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्राओं अकलिमा फातिमा एवं राफिया प्रवीण ने बिहार लोकगीत एवं ग़ज़ल की प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी। वहीं आलेख पाठकों के रूप में रिज़वान अहमद, सचिव अंजुमन तरक्की उर्दू, सुपौल, मो. बदीउज्जमा, शिक्षक आर.एस.एम. पब्लिक स्कूल, सुपौल तथा डॉ. नूरजहाँ बेगम, विभागाध्यक्ष उर्दू, एस.एन.एस. महिला कॉलेज ने अपने-अपने आलेखों का पाठ किया।

डेलिगेट्स के रूप में मौलाना निज़ामुद्दीन अशाअती, मो. मकसूद आलम एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुपौल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अंजुमन तरक्की उर्दू, पटना के सचिव मो. ओवैश अम्बर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) महताब रहमानी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुपौल श्री तारकेश्वर पटेल, प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग सुपौल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना रहा, जिसे लेकर प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा गया।

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