सुपौल। जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलांतर्गत कृषि एवं संबद्ध विभागों के उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा एवं परिचर्चा हेतु जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, जिला कृषि पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र राघोपुर, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अग्रणी बैंक प्रबंधक, परियोजना निदेशक “आत्मा”, जिला प्रबंधक जीविका, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला कृषि विपणन पदाधिकारी, जिला प्रबंधक नाबार्ड सहित विभिन्न प्रखंडों के प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। साथ ही आनंद प्रकाश, क्षेत्रीय पदाधिकारी, कृषि एवं प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), बिहार, पटना भी उपस्थित रहे।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि सुपौल जिले के किसान मखाना, राजमा, मक्का, फल, सब्जी एवं अन्य उद्यानिक फसलों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करें, ताकि जिले में उत्पादित कृषि उत्पादों का निर्यात अन्य राज्यों एवं विदेशों तक किया जा सके। उन्होंने किसानों को उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता मानकों का पालन करने, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग पर ध्यान देने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर आनंद प्रकाश ने निर्यात प्रक्रिया, पंजीकरण, गुणवत्ता प्रमाणन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित मार्गदर्शन एवं मानकों के अनुपालन से जिले के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेहतर पहचान मिल सकती है।
कार्यशाला में किसानों एवं अधिकारियों के बीच संवाद के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा सुपौल जिले के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
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