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जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण


सुपौल। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस क्रम में बाल विकास परियोजना पिपरा अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 19, 83 एवं 183, बाल विकास परियोजना त्रिवेणीगंज के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 193 तथा बाल विकास परियोजना छातापुर के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 124, 126 एवं 123 का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पिपरा परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर क्रमशः 25, 24 एवं 21 बच्चे सेविका एवं सहायिका के साथ उपस्थित पाए गए। इस पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी नामांकित बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पोषाहार एवं पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने, केंद्रों की साफ-सफाई बनाए रखने तथा एफआरएस (FRS) के माध्यम से पात्र लाभुकों को टीएचआर का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

वहीं त्रिवेणीगंज परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 193 पर मात्र 11 बच्चे उपस्थित पाए गए। साथ ही निरीक्षण के दौरान केंद्र पर भंडार पंजी उपलब्ध नहीं पाया गया। इस पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सेविका को फटकार लगाई तथा भंडार पंजी को अद्यतन कर केंद्र पर अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज को संबंधित सेविका/सहायिका एवं महिला पर्यवेक्षिका से कारण पृच्छा करते हुए निरीक्षण तिथि को अनुपस्थित 29 बच्चों की पोषाहार राशि में कटौती कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया।

छातापुर परियोजना अंतर्गत निरीक्षण में पाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 124 पर 31 लाभुकों, केंद्र संख्या 126 पर दोपहर 02:43 बजे तक 21 लाभुकों तथा केंद्र संख्या 123 पर 24 लाभुकों को एफआरएस के माध्यम से टीएचआर का वितरण किया गया था। शेष पात्र लाभुकों को भी शीघ्र ही एफआरएस के माध्यम से शत-प्रतिशत टीएचआर वितरण सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में पात्र लाभुकों को टीएचआर से वंचित न रखा जाए।

इसके साथ ही प्रति केंद्र प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 08 आवेदन एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के 03 आवेदन का पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को नियमित निरीक्षण कर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा निरीक्षण के उपरांत सेविका/सहायिका द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदन जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस सुपौल को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

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