सुपौल। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल (बिहार राज्य) की ओर से एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इसी क्रम में 18 फरवरी 2026 को St. Xavier School, सुपौल में ASHA (Awareness, Support, Help & Action) SOP पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम वर्ष 2025 के NALSA दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें बाल विवाह की रोकथाम हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाना, पीड़ितों को कानूनी व सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना तथा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने की। उन्होंने “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़कों का विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह या उससे जुड़ी किसी भी प्रकार की सहायता के लिए 15100 (विधिक सहायता हेल्पलाइन) एवं 1098 (बाल संरक्षण हेल्पलाइन) पर संपर्क किया जा सकता है।
श्री आलम ने कहा कि यह अभियान विशेष रूप से बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्कूल स्तर पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में St. Xavier School के निदेशक, प्रिंसिपल, शिक्षकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम से छात्रों और अभिभावकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला तथा बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक चेतना को और मजबूती मिली। बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा उठाया गया यह कदम सामाजिक सुधार की दिशा में एक सशक्त और सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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