सुपौल। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को राघोपुर रेफरल अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 327 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर मां और शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
शिविर में महिलाओं की हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, यूरिन एल्ब्यूमिन और ब्लड ग्रुप समेत आवश्यक जांचें की गईं। जांच के दौरान कई महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और असामान्य वजन जैसी समस्याएं पाई गईं। एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को आयरन की दवाएं उपलब्ध कराई गईं और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 197 महिलाओं की जांच राघोपुर रेफरल अस्पताल में की गई। वहीं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गनपतगंज में 70 और करजाइन अस्पताल में 60 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया गया। अधिक भीड़ के कारण कुछ केंद्रों पर जांच दोपहर बाद तक जारी रही, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव भी देखा गया।
बीएचएम नोमान अहमद ने बताया कि कई गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन महिलाओं के लिए प्रत्येक माह की 21 तारीख को विशेष जांच और परामर्श की व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि, शिविर के दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं। कई महिलाओं ने बताया कि अल्ट्रासाउंड जांच के लिए उन्हें निजी केंद्रों पर करीब 700 रुपये खर्च करने पड़े, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ा है।

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