सुपौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को सुपौल न्याय मंडल परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने की। बैठक का आयोजन प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंत सिंह के दिशा-निर्देश पर किया गया।
बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के कार्यालय सहायकों के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) भी उपस्थित रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक विभिन्न श्रेणियों के लगभग 3050 सुलहनीय मामलों की पहचान की जा चुकी है। इनमें आपराधिक सुलहनीय प्रकरण, बिजली विभाग से जुड़े विवाद, चेक बाउंस के मामले तथा अन्य समझौता योग्य मामले शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित सभी पक्षकारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, ताकि वे निर्धारित तिथि को लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकें। बैठक में नोटिस की समय पर तामिली सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे अधिक से अधिक पक्षकार लोक अदालत में भाग ले सकें।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निशुल्क एवं सुलह के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करना था। इस दौरान सुपौल न्याय मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी न्यायालयों के कार्यालय सहायकों एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

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