सुपौल। जिले में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति व्यवस्था में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में लगभग 15,723 गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि आज 7,467 अतिरिक्त सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है।
बीते 17 अप्रैल को करीब 6,934 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जबकि अभी भी 23,181 उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस उपलब्ध करानी शेष है। फिलहाल 51 में से 44 गैस एजेंसियों पर LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं। शेष एजेंसियों — आस्था इंडेन, मुरली इंडेन, सिनरी इंडेन एवं सत् कृष्णा इंडेन — पर जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है।
प्रशासन द्वारा निगरानी भी तेज कर दी गई है। आज 51 एजेंसियों में से 18 की जांच की गई, वहीं 27 होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग को लेकर छापेमारी की गई। अब तक कालाबाजारी एवं अवैध उपयोग के आरोप में जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक कार्यक्रमों एवं व्यावसायिक उपयोग के लिए भी उपलब्धता के आधार पर गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। साथ ही अस्पतालों एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर का प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा छात्रों, प्रवासी श्रमिकों एवं युवा पेशेवरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर बिना पते के प्रमाण के उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 24x7 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
1906 (कॉमन इमरजेंसी हेल्पलाइन)
1800-2333-555 (IOCL/HPCL)
1800-22-4344 (BPCL)
समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है (फोन: 06473-224005)। 18 अप्रैल को यहां 4 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया। इसी के साथ पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए 5 पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण भी किया गया है।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, जिले में LPG गैस, पेट्रोल एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी नजर रखी जा रही है तथा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

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