सुपौल। जिले में LPG गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने एवं कालाबाजारी-जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जिले की स्थिति फिलहाल सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिवेदन के अनुसार जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों में से 46 पर फिलहाल LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि शेष 5 एजेंसियों पर भी शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है। वर्तमान में गैस एजेंसियों के पास लगभग 13,808 सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है।
बीते 5 अप्रैल 2026 को करीब 3,037 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जबकि अभी 23,798 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी बाकी है। तेल कंपनियों द्वारा अस्पतालों एवं सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक स्तर पर अब तक 51 में से 22 LPG एजेंसियों की जांच की जा चुकी है, जबकि 19 होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग एवं कालाबाजारी के आरोप में अब तक जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
LPG आपूर्ति की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 06473-224005 है। 6 अप्रैल 2026 को नियंत्रण कक्ष में कुल 8 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्टॉक और बॉटलिंग प्लांट से मिल रही आपूर्ति के आधार पर जिले में LPG की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार के संकट की संभावना नहीं है।
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न लें। सभी एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी के माध्यम से समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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