सुपौल। महिला एवं बाल विकास निगम, सुपौल के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) सुपौल द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत त्रिवेणीगंज प्रखंड के कोरीयापट्टी पूरब, कोरीयापट्टी पश्चिम एवं मांगनगंज पूरब पंचायत में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेविकाओं एवं ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देना था।
सखी वार्ता के दौरान DHEW की टीम ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है, जो बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस दौरान विवाह की वैधानिक आयु एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी भी दी गई। साथ ही सभी सेविकाओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में लाभुकों को जागरूक एवं प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पोषण एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित महिलाओं को संकट की स्थिति में उपलब्ध सेवाओं—कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सहायता एवं पुलिस सहयोग—की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बताया गया कि सुपौल जिला में संचालित वन स्टॉप सेंटर के अतिरिक्त अब त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल के निकट एक और वन स्टॉप सेंटर शुरू किया गया है, जहां जरूरतमंद महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 के उपयोग के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में हरिनारायण कुमार, सलोनी कुमारी, नितु कुमारी, मोहम्मद तारीक सिद्धकी, कंचन कुमारी, सेविकाएं एवं अन्य ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।


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