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आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, बच्चों के पोषण व शिक्षा पर विशेष जोर




सुपौल। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने शनिवार को बाल विकास परियोजना सुपौल अंतर्गत सात आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र संख्या 87, 88, 89, 90, 91, 92 एवं 93 की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान सभी केंद्रों पर सेविका एवं सहायिका उपस्थित पाई गईं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सेविकाओं एवं सहायिकाओं को निर्देश दिया कि बच्चों को समय पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्कूल पूर्व शिक्षा के तहत संचालित "पोषण भी, पढ़ाई भी" गतिविधियों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित किया जाए। साथ ही बच्चों की स्वच्छता, साफ-सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

उन्होंने निर्देश दिया कि पोषक क्षेत्र के सभी पात्र लाभुकों को एफआरएस के माध्यम से टेक होम राशन (टीएचआर) का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कम से कम आठ लाभुकों तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत तीन पात्र लाभुकों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी सेविकाओं को विभागीय मार्गदर्शिका के अनुरूप केंद्रों का संचालन करने तथा संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित एवं गंभीरता पूर्वक निरीक्षण एवं अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को आंगन ऐप के माध्यम से निरीक्षण के दौरान ईसीसीई (ECCE) गतिविधियों से संबंधित प्रतिवेदन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित पोषण, शिक्षा एवं लाभुकों से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास एवं मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।

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