सुपौल। छातापुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर एवं कटहरा पंचायत की महादलित बस्ती की दर्जनों महिलाओं से अनुदानित ऋण दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। महिलाओं से रुपये की अवैध वसूली करने वाली एक महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ घर से लापता हो गई है। वहीं लालजी चौक निवासी मो. सज्जाद पर महिला और उसकी बेटी को गायब करने का आरोप लगाया गया है।
इस संबंध में कटहरा पंचायत वार्ड संख्या-1 निवासी रबी उरांव ने छातापुर थाना में आवेदन देकर मामले की जानकारी दी है। आवेदन में उन्होंने मो. सज्जाद पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपनी 35 वर्षीय पुत्रवधू मायावती देवी एवं 14 वर्षीय पोती प्रियंका कुमारी की बरामदगी की गुहार लगाई है।
इधर कटहरा पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित महादलित बस्ती की कमली देवी, गिरिजा देवी, मलिया देवी, अशिया देवी, सकुंती देवी, फूलकुमारी देवी, कविता देवी, ललिता देवी, महादेवी, कोशिला देवी, फूलो देवी, रेखिया देवी, फूलझरिया देवी, रंजु देवी, चुनिया देवी, सुमित्रा देवी, पूनम देवी, संजु देवी समेत कई महिलाओं ने बताया कि लालजी चौक निवासी भटूल कुजरा के पुत्र मो. सज्जाद ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मायावती देवी के सहयोग से गांव की महिलाओं को अनुदानित ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया था।
महिलाओं का आरोप है कि ऋण दिलाने के नाम पर प्रत्येक महिला से 10 से 15 हजार रुपये तक की वसूली की गई। कटहरा के अलावा रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या-13 स्थित महादलित बस्ती की दर्जनों महिलाओं से भी इसी तरह रुपये लिए गए। लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी को भी ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया। जब भी महिलाएं संपर्क करती थीं, मो. सज्जाद जल्द ऋण दिलाने का आश्वासन देकर मामले को टालते रहे।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि रुपये वसूली में सहयोग करने वाली मायावती देवी अब अपनी पुत्री के साथ लापता है। उनका कहना है कि वसूले गए लाखों रुपये के गबन की नीयत से मो. सज्जाद ने दोनों को कहीं छिपा रखा है। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को भी आवेदन देकर जांच एवं कार्रवाई की मांग करेंगी, ताकि अवैध वसूली करने वाले लोगों पर कार्रवाई हो सके और उनका पैसा वापस मिल सके। इस संबंध में बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करना गंभीर अपराध है। यदि ठगी की शिकार महिलाओं की ओर से आवेदन प्राप्त होता है तो मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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