सुपौल। किशनपुर प्रखंड के ई-किसान भवन में शनिवार को रबी फसल की तैयारी को लेकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला सह किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुनीता कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामकुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी कमलेश कुमार राय, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार, सूर्यनारायण यादव, श्री लाल यादव सहित अन्य अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ खेती के संबंध में जानकारी दी।
प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार ने किसानों से फसल अवशेष (पुआल) नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि इसे पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करें। पशुओं के गोबर से तैयार कंपोस्ट खाद खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाती है और अच्छी पैदावार में सहायक होती है।
प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी कमलेश कुमार राय ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे प्रमाणित धान बीज का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने किसानों को एक ही किस्म के बीज की लगातार बुआई से बचने और समय-समय पर बीज की किस्म बदलकर खेती करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि फसल सहायता योजना अब बंद हो चुकी है, इसलिए किसान किसी बिचौलिए के बहकावे में न आएं।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामकुमार ने कहा कि क्षेत्र की प्रमुख फसलें धान, गेहूं, पटसन एवं मूंग हैं। किसानों को मौसम के अनुरूप फसल का चयन कर वैज्ञानिक तरीके से खेती करनी चाहिए, ताकि अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी ने किसानों से जैविक खाद के अधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करते हुए जैविक खाद को प्राथमिकता देनी चाहिए। जैविक खाद के नियमित प्रयोग से लंबे समय तक खेत की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है। कार्यक्रम में कृषि समन्वयक धनंजय कुमार झा, किसान सलाहकारों एवं बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

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