सुपौल। जिला मुख्यालय स्थित राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में सोमवार को बीएड सत्र 2026-28 का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राधेश्याम यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर नव नामांकित प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षक के दायित्व, नैतिक मूल्यों और शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया।
प्राचार्य डॉ. राधेश्याम यादव ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार नहीं करता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व जीवनभर चलता है और प्रशिक्षुओं को अपने प्रशिक्षण काल का पूरा लाभ उठाकर एक आदर्श एवं जिम्मेदार शिक्षक बनने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के निर्देशानुसार 20 जुलाई से बीएड सत्र की औपचारिक शुरुआत की गई है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप सभी शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण मिल सके।
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में इस सत्र के लिए 100 सीटें निर्धारित हैं। इनमें से अब तक 74 प्रशिक्षुओं का नामांकन हो चुका है, जबकि शेष सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समय के भीतर सभी सीटों पर नामांकन पूरा हो जाएगा।
कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों ने भी नवप्रशिक्षुओं को अनुशासन, नियमित अध्ययन और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बीएड प्रशिक्षण केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, जिम्मेदार और कुशल शिक्षक बनने की प्रक्रिया है।
कार्यक्रम के अंत में नवप्रशिक्षुओं ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की और भविष्य में एक आदर्श शिक्षक बनने का संकल्प लिया।

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