Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

राजस्व वसूली की समीक्षा, लक्ष्य से पीछे रहने वाले विभागों को डीएम की सख्त चेतावनी



सुपौल। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन से संबंधित विभागों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजस्व अर्जक विभागों की जून 2026 तक की राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। इस दौरान लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाले विभागों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला राजस्व शाखा, वाणिज्यकर, निबंधन, उत्पाद, विद्युत, खनन, वन, मत्स्य, माप-तौल विभाग तथा नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिला राजस्व शाखा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार जिले के लिए वर्ष 2026-27 का ₹72,301.84 लाख का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित है। जून 2026 तक ₹14,603.35 लाख की वसूली हुई है, जो प्रतिवेदित अवधि के लक्ष्य ₹17,983.95 लाख का 81.20 प्रतिशत तथा वार्षिक लक्ष्य का 20.20 प्रतिशत है। वहीं ₹10,578.21 लाख की राशि कोषागार एवं बैंक में जमा कराई गई है।

समीक्षा के दौरान वाणिज्यकर विभाग ने जून माह में ₹1,068.93 लाख तथा संचयी रूप से ₹4,123.76 लाख की वसूली की। निबंधन विभाग ने ₹2,892.85 लाख, उत्पाद विभाग ने ₹1,533.26 लाख, विद्युत विभाग ने ₹3,331.44 लाख तथा खनन विभाग ने ₹505.27 लाख की संचयी राजस्व वसूली दर्ज की।

जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक है, जबकि खनन विभाग, कुछ नगर निकायों एवं अन्य विभागों की प्रगति अपेक्षा से कम है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल करने का निर्देश दिया।

बैठक में डीएम ने सभी विभागों को प्रतिदिन राजस्व वसूली की समीक्षा करने, बड़े बकायेदारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, लंबित प्रमाणपत्र वादों का त्वरित निष्पादन करने, बैंक एवं कोषागार में जमा राशि का मिलान कर जिला राजस्व शाखा को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा नगर निकायों को होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, जलकर सहित अन्य करों की वसूली तेज करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा खनन विभाग को अवैध खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई कर जुर्माना और राजस्व बढ़ाने, विद्युत विभाग को बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूली तेज करने तथा आवश्यकता पड़ने पर विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं निबंधन और वाणिज्यकर विभागों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन एवं बड़े करदाताओं की नियमित समीक्षा कर अधिकतम राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट कहा कि आंतरिक संसाधन जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। आगामी समीक्षा बैठक तक सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति करनी होगी, अन्यथा कम उपलब्धि वाले विभागों से कारण-पृच्छा की जाएगी।

बैठक के अंत में सभी विभागीय पदाधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

कोई टिप्पणी नहीं